अजब-गजब

इन्दौर हादसे के शिकार युवक ने शुन्य से शुरू किया व्यापार

Publish Date: 01-09-2018 Total Views :89

इन्दौर


कहते है कि वक्त का मारा कभी उभर नहीं पाता है। वक्त की मार बड़े बुरे दिन दिखाती है। मगर खरगोन में न्यु आजाद नगर के मोहम्मद जैद खान न सिर्फ खुद वक्त की मार से उभरे है बल्कि उन्होंने अपने जैसे 15 साथियों को रोजगार दिया है। मोहम्मद बताते है कि अक्टूबर 2015 में खरगोन में हुए बड़े हादसे में उनका सब कुछ तबाह हो गया था। उनका घर और जीने का आधार अच्छी खासी दुकान जलकर खाक हो गई थी। हमारा 9 सदस्यों का पुरा परिवार सड़क पर आ गया था। उस समय बड़े अब्बा ने रहने का सहारा दिया। तभी उनकी छोटी सी बेकरी में 200 रूपए की मजदूरी करने का मौका मिला। उन्हीं दिनों में ठान लिया था कि वो अपनी बेकरी स्थापित करेगा। उनको मुसीबत के दिनों से उभारने में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का बड़ा हाथ है। इस योजना से पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहयोग से दिसंबर 2017 में 7 लाख रूपए का ऋण और 2 लाख रूपए का अनुदान स्वीकृत हुआ। बस यही से बेकरी स्थापित करने का सफर शुरू किया।
1 लाख से अधिक रोट प्रतिदिन बनाते है मोहम्मद
   योजना से मिली राशि से 1 जनवरी 2018 को किराए पर भूमि लेकर बेकरी स्थापित कर ली। मोहम्मद ने अपनी बेकरी 2 उन जैसे वक्त के मारों के साथ मात्र 5 किलो की सामग्री के साथ शुरू की। मोहम्मद ने 3 वर्षो तक बड़े अब्बा की बेकरी में किए अनुभव का फायदा मिला। बेकरी के मात्र 3 महिने में ही मोहम्मद से बाजार में अपनी पहचान बना ली। मोहम्मद 5 साथियों के साथ फिर 8 और अब 15 साथियों के साथ अपनी बेकरी को दिनों-दिन प्रगति की ओर ले जा रहा है। आज मोहम्मद अपनी बेकरी में प्रतिदिन 1 लाख 15 हजार 200 रोट तैयार करता है और पड़ोसी जिलों के साथ महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के व्यापारियों को अपनी बेकरी के रोट सप्लाई करता है। मोहम्मद रोज 600 पेटी रोट बनाता है। एक पेटी करीब 6 किलो की सामग्री के रोट आते है। अपने 15 साथियों को 400 प्रतिदिन की मजदूरी देते है। आज मोहम्मद को 2400 रूपए प्रतिदिन का शुद्व मुनाफा हो रहा है।