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100 वर्ष की वृद्धा ने कोरोना पर की जीत हासिल

Publish Date: 07-08-2020 Total Views :248

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शासन-प्रशासन द्वारा कोरोना के इलाज के लिये दी जा रही सुविधाओं और समुचित इलाज के फलस्वरूप मरीज लगातार स्वस्थ हो रहे है। इंदौर संभाग में हर आयु वर्ग के मरीज कोरोना को परास्त कर रहे है। हाल ही में इंदौर संभाग के खरगोन जिले के बड़वाह में रहने वाली 100 वर्ष की बुजुर्ग महिला ने कोरोना पर जीत हासिल की है।
कोरोना बीमारी के इलाज के लिए उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय सुविधाओं और अन्य इंतजामों के फलस्वरुप अच्छे परिणाम मिल रहे है। इंदौर संभाग में हर आयु वर्ग के मरीज कोरोना को परास्त कर रहे है। खरगोन जिले के बड़वाह के सुराणा नगर में रहने वाली 100 वर्ष की वृद्ध महिला के आगे कोरोना बोना साबित हुआ है। बड़वाह में 17 जुलाई को श्रीमती रूकमणी खुश्याल चौहान के सैंपल लिए गए थे। जांच के पश्चात 21 जुलाई को पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। उनकी वर्तमान स्थिति और घर मे ही उनका पोता कोरोना को हराकर लौटा था। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रीमती रूकमणी चौहान को घर में आइसोलेट किया गया था। प्रदेश में एक मात्र यह ऐसा पहला प्रकरण होगा, जो कोरोना के अलावा अन्य पुरानी बीमारी कैंसर से भी ग्रसित रहा। इतनी उम्रदराज महिला होने के बावजूद कोरोना से लड़कर स्वस्थ्य हुई है। वास्तव में उनके आत्मबल और रोग प्रतिरोधक क्षमता ने साबित कर दिया कि कोरोना में उचित देखरेख और व्यवस्थित दिनचर्या अपना कर कोरोना को पछाड़ा जा सकता है। एसडीएम श्री मिलिंद ढोके ने बताया कि 21 जुलाई को उम्रदराज महिला के पॉजिटिव आने के बाद हमारे सामने एक चुनौती थी। क्योंकि उनको अन्य बिमारी भी रही है। ऐसी स्थिति में वो सर्वाइव कर रही है। इसके लिए उनके घर में डॉक्टरों की निगरानी में प्रतिदिन जांच और प्रत्येक हलचल पर ध्यान रखा गया था। उनके घर के सदस्य भी इस बात को अच्छी तरह जानते थे कि उनके लिए ये परीक्षा की घड़ी है। घर के सदस्यों ने बड़ी हिम्मत दिखाई और हर पल की जानकारी देते रहे। वहीं रूकमणी देवी की रोग प्रतिरोधक क्षमता के आगे आखिरकार कोरोना हार गया। आज रूकमणी और उनके परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और परिवार अपनी पूर्ववत दिनचर्या में लौट आया है।